हिमाचल में फ़िल्म सिटी की सम्भावना : डॉ. राजेश चौहान ( Dr. Rajesh K Chauhan)
हिमाचल में फ़िल्म सिटी की सम्भावना हिमाचल प्रदेश की सुरम्य वादियाँ, बर्फ से ढकी चोटियाँ, देवदार के सघन वन और कल–कल बहती नदियाँ दशकों से सिनेमा जगत को आमंत्रित करती रही हैं। “लव इन शिमला” के श्वेत–श्याम युग से लेकर “जब वी मेट”, “हाईवे”, “3 इडियट्स” और “रोज़ा” जैसी यादगार फिल्मों तक यह प्रदेश भारतीय सिनेमा का प्रिय मंच बना है। इसके बावजूद यहाँ एक सुव्यवस्थित फिल्म सिटी का अभाव सदा महसूस किया गया, जो अब धीरे-धीरे साकार रूप लेता दिख रहा है। हिमाचल केवल प्राकृतिक सौंदर्य का भंडार ही नहीं बल्कि सृजनशील प्रतिभाओं की जन्मभूमि भी है। अनुपम खेर, कंगना रनौत, प्रीति जिंटा, यामी गौतम, मोहित चौहान जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार यहीं की मिट्टी से निकले हैं। टीवी और ओटीटी की चर्चित अभिनेत्री रुबीना दिलैक, साक्षी तंवर, विशाल करवाल, चार्ली चौहान, रवि भाटिया, शिव्या पठानिया जैसी अनेक हस्तियाँ नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। इनके साथ-साथ हिमाचल के रंगमंच ने भी कला की मशाल को जीवित रखा है। शिमला के गेयटी थियेटर, मंडी के सेरी मंच और कांगड़ा के लोकमंचों से निकले नाट्यकर्मी दिवंगत मनोह...